कैसे होगा नारी शक्ति का सशक्तिकरण ?

Posted by admin 28/03/2017 0 Comment(s)

भारत शुरू से ही पुरुष प्रधान देश रहा है ,जिसमे महिलाओं को हमेशा ही दूसरे दर्जे पर रखा जाता है और उस पर बहुत सारी पाबन्दियाँ लगा दी जाती है | जन्म से लेकर मृत्यु तक उसके साथ भेदभाव किया जाता है पहले अपने पिता के घर में , फ़िर पति के घर में उसको अपनी इच्छाओं का दमन करके जीना पड़ता है | हमारे देश में बहुत सारे NGO , सरकारी योजनाये महिला सशक्तिकरण के नाम पर बनी और चल रही है , लेकिन धरातल पर उनका खास परिणाम नजर नहीं आ रहा है | हमारे देश के लोगो ने सिर्फ कपडे पहनने का तरीका बदला है लेकिन उनकी सोच आज भी आजादी के पहले वाली ही है । जिनको अपनी बेटी को पढाना फ़ालतू खर्चा लगता है , हमेशा उसे पराया धन समझा जाता है और नारियों के पिछडने के पीछे हमारी पुरानी  रूढीवादी सामाजिक कुरितियां जिम्मेदार है  |  आज के दौर में नारी सशक्तिकरण पर काम करने वाले अधिकतर लोग उस बदलाव को भूल जाते है , जिससे की हकीकत में नारी शक्ति का सशक्तिकरण हो सकता है | जब तक नारियां पुरुषो के बराबर कंधे से कन्धा मिलाकर उनके बराबर या उनसे ज्यादा कमाने नहीं लग जायेगी तब तक लोग उन्हे घर सम्भालने लायक ही समझा जायेगा |

जिसको भी हकीकत में नारी सशक्तिकरण का काम करना है उनको एक ऐसा प्लेटफोर्म बनाना चाहिये , जिसमें सभी आयु व वर्ग की नारी शक्ति कार्य कर सके |

म लागत , बिना रिस्क , बिना स्थानान्तरण अपनी सुविधानुसार  कार्य करने की सुविधा दी जाये और उनको बिना भेदभाव किये पुरुषो के बराबर पैसे दिये जाये जिससे की वो आत्मनिर्भर बन सके | अगर नारी पुरुष के बराबर कमायेगी तो वो ना झुकेगी ना रुकेगी वो तो केवल भारत  का नवनिर्माण करेंगी  |